सोमनाथ ज्योतिर्लिंग का इतिहास, महत्व एवं जीर्णोद्वार | श्री सोमनाथ Live दर्शन | सोमनाथ ट्रस्ट-गेस्ट हाउस | ट्रेन, सड़क या हवाई जहाज ? – सोमनाथ कैसे पहुंचे?

By | July 30, 2022
सोमनाथ ज्योतिर्लिंग का इतिहास, महत्व एवं जीर्णोद्वार| श्री सोमनाथ Live दर्शन| सोमनाथ ट्रस्ट-गेस्ट हाउस| ट्रेन, सड़क या हवाई जहाज-सोमनाथ कैसे पहुंचे?

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सोमनाथ ज्योतिर्लिंग का इतिहास 

Somnath Temple source : https://www.somnath.org/

  • प्रसिद्ध तीर्थ स्थल सोमनाथ प्राकृतिक दृष्टि से एक परिपूर्ण धार्मिक स्थल है ।
  • भगवान शिव के भारत में कुल १२ ज्योतिर्लिंग है, जिसमे से गुजरात राज्य में कुल २ ज्योतिर्लिंग स्थित है। सोमनाथ ज्योतिर्लिंग उनमे से एक है । सोमनाथ ज्योतिर्लिंग का स्थान सारे ज्योतिर्लिंग में प्रथम है।
  • सोमनाथ मंदिर भारत के पश्चिमी तट गुजरात राज्य के वीरावल जिले के प्रभास पाटन में स्थित है। इस क्षेत्र को सौराष्ट्र भी कहते है।
  • यह एक राष्ट्रीय महत्व का ऐतिहासिक स्थल भी है।
  • यहाँ के लम्बे समुद्री किनारे पर्यटकों को यहां आने के लिए लुभाते रहते हैं।
  • खुदाई के दौरान पाए गए अवशेषों से पता लगा है कि यह मंदिर मैत्रक के समय से राजा सोलंकी के समय तक करीब 13 फुट ऊंचाई पर था तथा इसमें शिव, नटराज, भैरव, योगी आदि की प्रतिमाएं थीं। राजा भीमदेव एवं उनकी कई कलाकृतियां आज भी सोमनाथ के संग्रहालय में विद्यमान हैं।
  • यहां की खुदाई से प्राप्त अवशेषों तथा भारतीय एवं विदेशी इतिहासकारों के लेखन से यहां आर्यों के निवास की सूचना भी मिली है। माना जाता है कि ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व का यह मंदिर लगभग चौथी ईस्वी में बना था।
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सोमनाथ ज्योतिर्लिंग का महत्व

  • इस सोमनाथ-ज्योतिर्लिंग की महिमा महाभारत, श्रीमद्भागवत तथा स्कंद पुराणादि में विस्तार से बताई गई है। चन्द्रदेव का एक नाम सोम भी है। उन्होंने भगवान शिव को ही अपना नाथ-स्वामी मानकर यहां तपस्या की थी इसीलिए इसका नाम ‘सोमनाथ‘ हो गया। कहते हैं कि सोमनाथ के मंदिर में शिवलिंग हवा में स्थित था।
  • यह सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की स्थापना खुद चंद्र देव ने की थी। सोमनाथ का मतलब सोम यानि चंद्र के नाथ। इस लिए इसे सोमेश्वर भी कहा जाता है। सोमेश्वर का मतलब चंद्र के स्वामी।
  • मान्यता के अनुसार सरस्वती, हिरण्य तथा कपिला का संगम होता है। यह भी मान्यता है कि भगवान शिव का काल भैरव लिंग प्रभास पाटन में ही है।
  • सन 1026 ई. तक प्रतिदिन पूजा के अवसर पर कश्मीर से लाए हुए फूलों तथा गंगा के पानी से यहां अभिषेक किया जाता था। 10 हजार ब्राह्मण हमेशा शिवलिंग का पूजन करते तथा सोने की 200 डंडियों से बंधा घंटा मंदिर की आरती में बजाया जाता था।

सोमनाथ ज्योतिर्लिंग का पुराणों में उल्लेख

  • पौराणिक कथाओं के अनुसार चंद्र ने दक्षप्रजापति राजा की 27 कन्याओं से विवाह किया था। जिसमे से चंद्र देव अपनी पहली पत्नी रोहिणी से सबसे ज्यादा प्यार करते थे। दक्ष प्रजापति को यह देखकर बहुत बुरा लगा और वो क्रोधित हो गये और उन्होंने चंद्र देव को श्राप दे दिया कि तुम्हे अपने रूप पर बहुत घमंड है तो अब से हर दिन तुम्हारा तेज क्षीण होता रहेगा। अभिशाप की वजह से चाँद ने अपनी रौनक खो दी थी।
  • श्राप से विचलित और दुःखी सोम ने भगवान शिव की आराधना शुरू कर दी। अंततः शिव प्रसन्न हुए और दक्ष द्वारा दिए हुए श्राप का निवारण किया। सोम के कष्ट को दूर करने के बाद भगवान शिव वहां ज्योतिर्लिंग के रूप मे स्थापित हुये और उनका नामकरण ‘सोमनाथ’ हुआ।

सोमनाथ ज्योतिर्लिंग: भाव बृहस्पति उल्लेख

  • सन् 1225 ई. में भाव बृहस्पति ने सोमनाथ के मंदिर के बारे में विस्तारपूर्वक लिखा था।
  • मदिर के अवशेष का टूटा हुआ पत्थर तीन भागों में प्रभास पाटन के भद्रकाली मंदिर के पास पाया गया था।
  • इस सम्बन्ध में वर्णित कहानी के अनुसार यह मंदिर सबसे पहले सोम ने बनवाया तथा दूसरे भाग में रावण ने चांदी का मंदिर बनवाया, फिर श्री कृष्ण ने लकड़ी का तथा भीमदेव ने इसे पत्थर का बनवाया।
  • कथा के अनुसार कुमार पाल के समय में इस मंदिर का व्यापक स्तर पर जीर्णोद्धार हुआ जिसे आचार्य भाव बृहस्पति की देखरेख में करवाया गया।

सोमनाथ मदिर और विदेशी आक्रांताओं का हमला

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  • पहली बार इस मंदिर को 725 ईस्वी में सिन्ध के मुस्लिम सूबेदार अल जुनैद ने तुड़वा दिया था।
  • अरब यात्री अल-बरुनी ने अपने यात्रा वृतान्त में “इस मन्दिर की महिमा और कीर्ति “का विवरण लिखा था , जिससे प्रभावित हो कर तुर्क शासक महमूद गजनवी  ने सन 1024 सोमनाथ मन्दिर पर हमला किया, मंदिर से करीब 20 मिलियन दीनार सम्पत्ति लूटी और ज्योतिर्लिंग को तोड़ दिया था , इसके बाद गुजरात के राजा भीम और मालवा के राजा भोज ने इसका पुनर्निर्माण कराया
  • सन 1297 में जब दिल्ली सल्तनत ने गुजरात पर क़ब्ज़ा किया तो इसे पाँचवीं बार गिराया गया। मुगल बादशाह औरंगजेब ने इसे पुनः 1706 में गिरा दिया
  •  फिर भी आज यह विशाल मंदिर अपने पूर्ण दमखम तथा शौर्य के साथ खड़ा है। वर्तमान मंदिर जो हम देखते है, उसे भारत के गृह मन्त्री सरदार वल्लभ भाई पटेल ने बनवाया था ।
  • इन सभी घटनाएं के बाद भी सोमनाथ मंदिर संभवत: विश्व का सर्वश्रेष्ठ एवं समृद्ध मंदिर है।

सोमनाथ मदिर का जीर्णोद्वार

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  • गुर्जर प्रतिहार राजा नागभट्ट ने 815 ईस्वी में इसका पुनर्निर्माण किया।
  • इसके बाद गुजरात के राजा भीम और मालवा के राजा भोज ने इसका पुनर्निर्माण कराया।
  • मन्दिर ईसा के पूर्व में अस्तित्व में था जिस जगह पर द्वितीय बार मन्दिर का पुनर्निर्माण सातवीं सदी में वल्लभी के मैत्रक राजाओं ने किया।
  • इस समय जो मंदिर खड़ा है उसे भारत के गृह मन्त्री सरदार वल्लभ भाई पटेल ने बनवाया था ।
  • भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल इस मंदिर के नव-निर्माण के प्रति समर्पित एवं कार्यशील थे। इस नए भव्य मंदिर का डिजाइन प्रसिद्ध आर्किटेक्ट प्रभाशंकर ने किया।
  • विगत 800 वर्षों के इतिहास में कैलाश महाभेरू प्रसाद की शैली में बनने वाला यह प्रथम मंदिर था। इस नव-निर्मित एवं विशाल तथा भव्य मंदिर को 1 दिसम्बर 1995 को तत्कालीन राष्ट्रपति डा. शंकर दयाल शर्मा ने राष्ट्र को समर्पित किया।

सोमनाथ की विशेषता

  • मंदिर के उल्लेखानुसार यह मंदिर ईसा के पूर्व अस्तित्व में था।
  • यह मंदिर गर्भगृह, सभामंडप और नृत्यमंडप– तीन प्रमुख भागों में विभाजित है।
  • इस मंदिर का शिखर 150 फुट ऊंचा है। इसके शिखर पर स्थित कलश का भार दस टन है और इसकी ध्वजा 27 फुट ऊंची है।
  • भगवान श्रीकृष्ण ने सोमनाथ के निकट भालुका तीर्थ में देह त्याग कर वैकुण्ठ का गमन किया था। ऐसा माना जाता है की भगवान कृष्ण की सिमंतक मणि सोमनाथ मंदिर के शिवलिंग में स्थापित है।
  • इस मंदिर का इतिहास हिंदू धर्म के उत्थान और पतन का प्रतीक माना गया है।
  • यह भी कहा जाता है कि शिवलिंग का निर्माण एक ही रात में हुआ था।
  • सोमनाथ मंदिर का ‘बाण स्तंभ’ – छठी शताब्दी से ‘बाण स्तंभ’ का उल्लेख इतिहास में मिलता है।–

सोमनाथ मंदिर का ‘बाण स्तंभ’ , सोमनाथ ज्योतिर्लिंग का इतिहास, महत्व एवं जीर्णोद्वार| श्री सोमनाथ Live दर्शन| सोमनाथ ट्रस्ट-गेस्ट हाउस| ट्रेन, सड़क या हवाई जहाज-सोमनाथ कैसे पहुंचे?

    • बाण स्तंभ’ एक दिशादर्शक स्तंभ है, जिसके ऊपरी सिरे पर एक तीर (बाण) बनाया गया है, जिसका ‘मुंह’ समुद्र की ओर है।
    • इस बाण स्तंभ पर लिखा है- ‘आसमुद्रांत दक्षिण ध्रुव, पर्यंत अबाधित ज्योर्तिमार्ग’।

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    • इसका अर्थ है कि समुद्र के इस बिंदु से दक्षिण ध्रुव तक सीधी रेखा में एक भी अवरोध या बाधा नहीं है। या इस सीधी रेखा में कोई भी पहाड़ या भूखंड का टुकड़ा नहीं है।
    • सवाल- क्या उस काल में लोगों को ये जानकारी थी कि दक्षिणी ध्रुव कहां है और धरती गोल है?  ये अब तक एक रहस्य ही बना हुआ है।

सोमनाथ मंदिर में दर्शन का समय

  • मंदिर में दर्शन: सुबह 6.00 बजे से रात 10.00 बजे
  • मंदिर बंद होने का समय : रात 10:00 बजे

श्री सोमनाथ Live दर्शन : सीधा प्रसारण


सोमनाथ मंदिर आरती का समय

  • इस मंदिर में रोज तीन बार आरती होती है। सुबह 7 बजे, दोपहर 12 बजे और शाम को 7 बजे आरती होती है।
  • इस मंदिर में होमात्मक अतिरुद्र, होमात्मक महारुद्र, होमात्मक लघुरुद्र, सवालक्ष सम्पुट महामृत्युंजय जाप आदि का किया जाता है।

पूजा , यग्न और दान के लिए मंदिर के फ़ोन नंबर

  • Pooja Vidhi Counter :- 9428214823
  • Asst. Temple Officer : 94282 14915

सोमनाथ कैसे पहुंचे ?

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Source : Google map


ट्रेन से सोमनाथ कैसे पहुंचे?

  • सोमनाथ स्टेशन (Somnath-SMNH) के लिए सीधी ट्रेन अहमदाबाद Ahmedabad, जबलपुर jabalpur, त्रिवेंद्रम सेंट्रल Trivandrum, इंदौर Indore और पुणे Pune स्टेशन से चलती है। ट्रेन का नंबर नीचे टेबल में दिया गया है।
  • यदि आपका निवास स्थान इन ट्रेन के रस्ते में पड़ता है, या इस रूट के पास है, तो आप इन ट्रेन के द्वारा सोमनाथ आ सकते है।
  • यदि आपका निवास स्थान इन ट्रेन के रस्ते में नहीं पड़ता है तो आप अहमदाबाद आ कर नीचे टेबल में से ट्रेन को चुन कर सोमनाथ आ सकते हैं।
  • अहमदाबाद(Ahmedabad-ADI) स्टेशन से सोमनाथ के लिए पूरे देश में सबसे ज्यादा ट्रेन है। या ये कह सकते है कि लगभग सारी ट्रेन का रास्ता अहमदाबाद स्टेशन से हो कर जाता है।
  • अहमदाबाद से सीधे सोमनाथ के लिए चलने वाली ट्रेन का नाम और नंबर नीचे टेबल में दिया गया है। ट्रेन नंबर को क्लिक करके आप पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

Train Number

19119 19217 11464 11466

Type

Exp

Exp Exp

Exp

From

अहमदाबाद जबलपुर जबलपुर जबलपुर

To

सोमनाथ सोमनाथ सोमनाथ सोमनाथ

Class

II CC II SL 3A 2A 1A II SL 3A 2A 1A II SL 3A 2A 1A

Departure

Daily

Daily Su M W Th F

Tu Sa

अहमदाबाद स्टेशन (समय)

ADI/Ahmedabad Junction (9 PFs)

d-10:45 a-21:55

d-22:15

a-08:10

d-08:25

a-08:10

d-08:25

(a- का मतलब arrival ट्रेन के आने का समय, d- का मतलब departure ट्रेन के जाने का समय)


  • यदि अहमदाबाद से सोमनाथ का ट्रेन टिकट नहीं मिल रहा है तो आप अहमदाबाद(Ahmedbad-ADI) से वेरावल (Veraval-VRL) तक ट्रेन से जा सकते है।

  • वेरावल से सोमनाथ की दूरी मात्र 5 KM है।

Train Number

22957

16334

11088

19320

Type

SF Exp Exp

Exp

From

अहमदाबाद त्रिवेंद्रम सेंट्रल Trivandrum  पुणे Pune

इंदौर Indore

To

वेरावल Veraval     वेरावल        Veraval वेरावल Veraval

वेरावल Veraval

Class

II SL 3A 2A II SL 3A 2A II SL 3A 2A II 2S SL 3A 2A 1A
Departure
Km
Daily

W

F

W

अहमदाबाद स्टेशन (समय)

ADI/Ahmedabad Junction (9 PFs)

d-22:10 a-06:45

d-06:55

a-07:30

d-07:45

a-08:00

d-08:15


सड़क के रास्ते सोमनाथ कैसे पहुंचे?

  • अहमदाबाद से सोमनाथ की सबसे कम दूरी 401 KM है। सड़क की कंडीशन बहुत अच्छी है। सड़क से आने पर लगभग 8 घंटे का समय लगता है। समय ड्राइविंग के ऊपर निर्भर है।
  • अहमदाबाद से AC बस की बहुत अच्छी सेवा है। बस से एक रात का सफर है।
  • अहमदाबाद से आप टैक्सी भी ले सकते है।
  •  रास्ते में बहुत अच्छे ढाबे है, यहाँ पर आपको हर तरह को भोजन मिल जायेगा, अधिकतर ढाबो पर पंजाबी खाना उपलब्ध है।

    • सबसे कम दूरी 401 KM होगी, यदि आप अहमदाबाद से रनपुर, रनपुर से गोंडल के रास्ते सोमनाथ जाये।

    • सोमनाथ ज्योतिर्लिंग का इतिहास, महत्व एवं जीर्णोद्वार| श्री सोमनाथ Live दर्शन| सोमनाथ ट्रस्ट-गेस्ट हाउस| ट्रेन, सड़क या हवाई जहाज-सोमनाथ कैसे पहुंचे?

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    • यदि आप सुरेंद्र नगर हो कर जायेंगे तो दूरी 424 KM होगी।

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      • यदि आप अहमदाबाद से सीधे चोटिला हो कर जायेंगे तो दूरी 412 KM होगी।

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    हवाई जहाज से सोमनाथ कैसे पहुंचे?

    • Diu- सबसे पास का एयरपोर्ट दीव Diu है, दीव से सोमनाथ की दूरी 86 KM है। दीव से टैक्सी या AC Luxuary बस के द्वारा सोमनाथ आ सकते है।

    Diu Airport | Flights schedules and cheap airline tickets

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    • Rajkot– दूसरा नजदीकी एयरपोर्ट राजकोट का है, इसकी सोमनाथ से दूरी 95 km है।

    Rajkot International Airport

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    • Ahmedabad – अन्य नजदीकी एयरपोर्ट सरदार वल्लभ भाई अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट अहमदाबाद में है।, इसकी दूरी सोमनाथ से 401 KM हैं । अहमदाबाद से टैक्सी या AC Luxuary बस के द्वारा सोमनाथ आ सकते है।

     Ahmedabad Airport

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    • Bhuj-अन्य नजदीकी एयरपोर्ट रूद्र माता एयरपोर्ट भुज में है, इसकी दूरी सोमनाथ से 423 KM हैं । भुज से टैक्सी या AC Luxuary बस के द्वारा सोमनाथ आ सकते है। मुंबई से भुज के लिए बहुत अच्छी हवाई सेवा है। मुंबई से यह एक बहुत अच्छा विकल्प है।

    Bhuj Airport

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    • Vadodara-अन्य नजदीकी एयरपोर्ट वडोदरा Vadodara है। इसकी दूरी सोमनाथ से 454 KM हैं । वडोदरा से टैक्सी या AC Luxuary बस के द्वारा सोमनाथ आ सकते है।

    Vadodara Airport - Wikipedia

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    सोमनाथ ट्रस्ट: गेस्ट हाउस में रूकने की व्यवस्था

    • श्री सोमनाथ ट्रस्ट में गेस्ट हाउस बुक करने के लिए फ़ोन number
        1. Cenral Booking Office +91-2876-231212
        2. Lilavati Guest House: +91-2876-233033
        3. Maheshwari G. House: +91-2876-233130
        4. Sagar Darshan G.H.: +91-2876-233533
    • इसके अतिरिक्त पर्यटकों के लिए सोमनाथ में पर्याप्त संख्या में गैस्ट हाऊस, रैस्ट हाऊस, होटल आदि हैं।
     सोमनाथ ज्योतिर्लिंग का इतिहास, महत्व एवं जीर्णोद्वार| श्री सोमनाथ Live दर्शन| सोमनाथ ट्रस्ट-गेस्ट हाउस| ट्रेन, सड़क या हवाई जहाज-सोमनाथ कैसे पहुंचे?

    Source: https://www.somnath.org/


    सोमनाथ में अन्य प्रसिद्द दर्शनीय स्थान


    • श्रीकृष्ण भालका तीर्थ – भालका तीर्थ सोमनाथ मंदिर से महज 5 किमी. दूरी पर है। द्वापर युग के सबसे बड़े नायक, संसार को गीता का ज्ञान और जीवन का सत्य बताने वाले भगवान श्रीकृष्ण और उनके आखिरी लम्हों की गवाही देता है। यही वो पावन स्थान है, जहां सृष्टि के पालनहार कृष्ण ने अपना शरीर त्यागा था ।

     https://www.somnath.org/


    • अरब सागर – सोमनाथ मदिर अरब सागर से तट से मिला हुआ है. अगर आप सोमनाथ मदिर के दर्शन के लिए जाते हैं तो सोमनाथ तट की यात्रा भी कर सकते हैं। यह जगह अपने परिवार और दोस्तों के साथ एक दिन के लिए घूमने के लिए काफी अच्छी जगह है यहाँ आकर आप शांति और सुकून का अनुभव कर सकते है।

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    • Gir National Park: “गिर नेशनल पार्क” गुजरात में एक वन्यजीव अभयारण्य है। इसकी स्थापना एशियाटिक शेरों की सुरक्षा के लिए की गई थी, गिर राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य को सासन गिर नेशनल पार्क के नाम से भी जाना जाता है।
    • सोमनाथ की यात्रा में खूबसूरत गिर वन देखने का आनंद भी अद्भुत है।

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    • गिर की सोमनाथ से दूरी 57 KM है। आप लगभग 2 घंटे में पहुंच सकते है।
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    • Dwarika – द्वारका शहर वह स्थान है जहाँ 5000 वर्ष पूर्व भगवान कृष्ण ने मथुरा छोड़ने के बाद द्वारका नगरी बसाई थी

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    • सोमनाथ से द्वारिका की दूरी 237 KM है, आप 4 घंटे में द्वारिका पहुंच सकते हैं।
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    • Nageshwar Jyotirling: भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक नागेश्वर ज्योतिर्लिंग गुजरात राज्य के बाहरी क्षेत्र में द्वारिकापुरी पर स्थित है।

    • सोमनाथ से नागेश्वर की दूरी 251 KM है, द्वारिकापुरी से 25 किलोमीटर की दूरी ।आप द्वारिका भ्रमण करते हुए नागेश्वर ज्योतिर्लिंगे के दर्शन कर सकते है। सोमनाथ से 5 घंटे में नागेश्वर पहुंच सकते हैं।
    • इस ज्योतिर्लिंग  की शास्त्रों में अद्वभुत महिमा कही गई है। धर्म शास्त्रों के अनुसार भगवान शिव को नागों के देवता के रूप में जाना जाता है। नागेश्वर का पूर्ण अर्थ नागों का ईश्वर है।

    Nageshwar Jyotirlinga सोमनाथ ज्योतिर्लिंग का इतिहास, महत्व एवं जीर्णोद्वार| श्री सोमनाथ Live दर्शन| सोमनाथ ट्रस्ट-गेस्ट हाउस| ट्रेन, सड़क या हवाई जहाज-सोमनाथ कैसे पहुंचे?

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    • दीव Diu: यह दमन और दीव के केंद्र शासित प्रदेश का एक तटीय शहर है। दीव देश के अन्य समुद्र तट स्थलों से बहुत अलग है और बहुत कम पर्यटक इसके बारे में जानते हैं। दीव को अक्सर शांत टापू (“isle of calm इसले ऑफ काम”) कहा जाता है और गोवा की तरह यहां पर पुर्तगल प्रभाव देखा जाता है।

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    • सोमनाथ से दीव की दूरी 96 KM है। आप सोमनाथ से 2.5 घंटे में दीव पहुंच सकते हैं।

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    • सोमनाथ के आस-पास बहुत से पर्यटन स्थल हैं। इनमें म्यूजियम (जहां पुराने व न मंदिर के फोटो एवं अवशेष रखे हैं), हिंगलाज माता का मंदिर भी शामिल हैं।

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    • इसके अतिरिक्त सूर्य नारायण मंदिर, अहिल्याबाई द्वारा स्थापित सोमनाथ मंदिर, नरसिंह जी मंदिर, त्रिवेणी संगम, दीव किला, जालंधर तट, पांडव गुफा, प्रभास, जलप्रभास तथा ब्रह्मकुंड नामक आदि भी दर्शनीय स्थल हैं।

    सोमनाथ में खरीदने योग्य सामान

    कच्छ कढ़ाई (kutch embroidery)

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     सोमनाथ ज्योतिर्लिंग का इतिहास, महत्व एवं जीर्णोद्वार| श्री सोमनाथ Live दर्शन| सोमनाथ ट्रस्ट-गेस्ट हाउस| ट्रेन, सड़क या हवाई जहाज-सोमनाथ कैसे पहुंचे?
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    Mirror Work

    Kutch Embroidery - Wikipedia
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    शंख (Shankh)

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    सोमनाथ की बोलचाल की भाषा

    • शहर की मुख्य भाषाएँ गुजराती और हिंदी है।
    • आप यहाँ इंग्लिश का भी उपयोग कर सकते है।
    • मंदिर में सोमनाथ महादेव की आराधना करने वाले पुजारी व्यावहारिक कार्यों में संस्कृत भाषा का उपयोग  करते हैं।


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