मुश्किल कोई आ जाये तो ड़रने से क्या होगा, जीने की तरकीब निकालो मर जाने से क्या होगा।
तू जिंदगी को जी, उसे समझने की कोशिश न कर। चलते वक्त के साथ चल, उसमें सिमटने की कोशिश न कर। मन में चल रहे युद्ध को विराम दें, खामख्वाह खुदसे लड़ने की कोशिश न कर
एक सपने के टूटकर चकनाचूर हो जाने के बाद दुसरा सपना देखने के हौसले को ही जिंदगी कहते है।
कोशिश हमेशा परिणाम मिलने तक करें…क्योंकि दुनिया सिर्फ परिणामों को सलाम करती हैं, कोशिशों को नहीं!!
अगर जीवन में सफलता प्राप्त करनी है तो मेहनत पर विश्वास करें! किस्मत की आजमाईश तो जुए में होती हैं..
अपने लक्ष्य के लिए जोशीले और जुनूनी बनिए..विश्वास रखिए, परिश्रम का फल सफलता ही है…!

हर छोटा बदलाव बड़ी कामयाबी का हिस्सा होता है
ज्ञान से शब्द समझ में आते हैं और अनुभव से अर्थ!!
जिंदगी जख्मों से भरी है वक्त को मरहम बनाना सिख लों, हारना तो है ही मौत के सामने पहले जिंदगी से जीना सिख लो।
थोड़ा डूबूँगा , मगर मैं फिर तैर आऊंगा, ऐ ज़िंदगी, तू देख, मैं फिर जीत जाऊंगा…
ठुकरा दिया
जिन्होंने मुझे मेरा वक्त देख कर, कसम खाता हूं, ऐसा वक्त लाऊंगा की मिलना पड़ेगा मुझसे वक्त लेकर..
सीढीयों कि जरूरत उन्हें है, जिन्हें छत तक जाना है। मेरी मजिल तो आसमान है, रास्ता भी खुद ही बनाना है।
मैं शुक्रगुजार हूं उन तमाम लोगों का जिन्होंने बुरे वक्त में मेरा साथ छोड़ दिया, क्योंकि उन्हें भरोसा था कि मैं मुसिबतों से अकेले हि निपट सकता हूं।
मुसाफ़िर कल भी था मुसाफ़िर आज भी हूँ, कल अपनों की तलाश में था आज अपनी तलाश में हूँ!

जिसने भी खुद को खर्च किया है दुनिया ने उसी को Google पर search किया है
अक्सर अकेलेपन से वहीं गुजरता है जो ज़िंदगी में सही फैंसलों को चुनता है।
भाग्य से जितना अधिक उम्मीद करेंगे वह उतना ही निराश करेगा, कर्म में विश्वास रखो आपको अपनी अपेक्षाओं से सदैव अधिक मिलेगा।
जो अपनी गलतियों से सीखता है और दूसरे तरीकें अपनाता है; वह् सफल होता है।
ज्यादा बात करने वाले कुछ नहीं कर पाते और कुछ कर दिखानेवाले ज्यादा बात करने में यकीन नहीं रखते
जिस काम में काम करने की हद पार ना हो, वो काम किसी काम का नहीं!
ज़िंदगी सँवारने को तो ज़िंदगी पड़ी है, वो लम्हाँ सँवार लो जहाँ ज़िंदगी खड़ी है।
राह संघर्ष की जो चलता है; वो ही संसार को बदलता है। जिसने रातों से जंग जीती, सूर्य बनकर वहीं निकलता है।

मिली है अगर ज़िंदगी तो मिसाल बनकर दिखाईये, वरना इतिहास के पन्ने आजकल रिश्वत देकर भी छपते है
जीत निश्चित हो तो कायर भी लड़ सकते है। बहादुर वो कहलाते है जो हार निश्चित हो, फिर भी मैदान नहीं छोड़ते।
मंजिल इंसान के हौसले आज़माती है, सपनों के पर्दे आँखों से हटाती है,
किसी भी बात से हिम्मत ना हारना; ठोकर ही इंसान को चलना सिखाती है।
कुछ ज्यादा ख़्वाहिशें नहीं ए-ज़िंदगी तुझसे, बस मेरा अगला कदम पिछले से बेहतरीन हो!!
जो कच्चे मकानों में जन्म लेते हैं वहीं ऊंची मिनारों को जन्म देते हैं
मंजिलें बड़ी ज़िद्दी होती हैं हासिल कहाँ नसीब से होती हैं मगर, वहाँ तूफान भी हार जाते हैं जहाँ कश्तियाँ ज़िद पर होती हैं।
नाकामयाब लोग दुनिया के ड़र से अपने फैसले बदल लेते है, और कामयाब लोग अपने फैसले से दुनिया बदल देते है।

जिनके उपर जिम्मेदारियों का बोझ होता है उनके पास रूठने और टूटने का वक्त नहीं होता है
एक समर्थ व्यक्ति के पिछे कई समर्थ साथी भी होते है। अकेला कोई कुछ नहीं होता।
तूफ़ान में कभी ताश का घर नहीं बनता रोने से कभी बिगड़ा मुक़द्दर नहीं संवरता, दुनिया को जितने का हौसला रखो..एक बार हारने से कोई फ़क़िर नहीं बनता और एक बार जीतने से कोई सिकंदर नहीं बनता!!
कर्म भूमि की दुनिया में, श्रम सभी को करना है…
भगवान सिर्फ लकीरें देता है, रंग हमें ही भरने है..
कहते है काला रंग अशुभ होता है। पर स्कूल का वो ब्लैक बोर्ड लोगों की जिंदगी बदल देता है
बेहतर से बेहतर की तलाश करो मिल जाए नदी तो समंदर की तलाश करो,
टूट जाते है शीशे पत्थरों कि चोट से , टूट जाए पत्थर, ऐसे शीशे की तलाश करो..!
अँधेरे से मत ड़रो, सितारे अँधेरे में ही चमकते हैं…

बेवजह दिल पे बोझ न भारी रखिये, जिंदगी एक खूबसूरत जंग है जारी जारी रखिए
एक ऐसा लक्ष्य निर्धारित करें जो आपको सुबह बिस्तर से उठने पर मजबूर कर दें…
किसी के पैरों में गिरकर प्रतिष्ठा पाने के बदले अपने पैरों पर चलकर कुछ बनने की ठान लो
जिस व्यक्ति ने कभी गलती नहीं की
उसने कभी कुछ नया करने की कोशिश नहीं कि।
सफ़र में मुश्किलें आये तो जुर्रत और बढ़ती है,
कोई जब रास्ता रोके तो हिम्मत और बढ़ती है।
औरों के जोर पर उड़कर दिखाओगे तो अपने परों से उड़ने का हुनर भूल जाओगे।
सम्भव की सीमा जानने का केवल एक ही तरीका है असम्भव से भी आगे निकल जाना..
जीत की खातिर बस जुनून चाहिए, जिसमे उबाल हो ऐसा खून चाहिए,
यह आसमान भी आएगा जमीन पर, बस इरादों में जीत की गूंज चाहिए.
जो तुफानों में पलते जा रहे हैं, वहीं दुनिया बदलते जा रहे है
- अगर दूसरो को दुखी देखकर तुम्हे भी दुःख होता है तो, समझ लो की उपर वाले ने तुम्हे इंसान बनाकर कोई गलती नहीं की है.

उस तरह से चलने से बचो जिस तरह से डर आपको चलाए,
बल्कि उस तरह से चलिए जिस तरह से प्रेम आपको चलाए
अगर एक हारा हुआ इंसान हारने के बाद भी मुस्कूरा दें.
. तो जितने वाला भी जीत की खुशी खो देता है।
हज़ारों उलझनें राहों में और कोशिशें बेहिसाब,
इसी का नाम है ज़िंदगी चलते रहिए जनाब
ज़िन्दगी तुम्हारी हैं, चाहे तो बना लो चाहे तो मिटा लो,
अगर चाहते हो कुछ करना, तो अभी भी वक़्त हैं अपनी जान लगा दो..
जब मेहनत करने के बाद भी सपने पुरे नहीं होते तो रास्ते बदलिए , सिद्धांत नहीं
क्योंकी, पेड़ भी हमेशा पत्ते बदलता है जड़ नहीं…

परिंदो को मजिल मिलेगी यक़ीनन , ये फैले हुए उनके पर बोलते है,
वो लोग रहते है खामोश अक्सर जमाने में , जिनके हुनर बोलते है।
आप जैसे विचार करेंगे वैसे हो जायेंगे, अगर अपने आप को निर्बल मानेंगे तो आप निर्बल बन जायेंगे
और यदि जो आप अपने आप को समर्थ मानेंगे तो आप समर्थ बन जायेंगे।
रूकावटें तो ज़िंदा इंसान के सामने ही आती है, मुर्दों के लिए तो सब रास्ता छोड़ देते है।
जब लोग आपका साथ छोड़ दे तो यह समझ लीजिए…आप उस काम को अकेले ही करने में सक्षम हैं
अगर आपको लगता है कि आपके दुश्मनों की संख्या ज़्यादा नहीं है तो बस, थोड़ा कामयाब होना पड़ेगा, फिर देखिये कितनी बड़ी फौज़ तैयार हो जाती है
जीवन का सबसे बड़ा गुरू वक्त होता है क्योंकि जो वक्त सिखाता है वो कोई नहीं सिखा पाता

किसी की निंदा से घबराकर अपने लक्ष्य को नहीं छोड़े, क्योंकि अक्सर लक्ष्य मिलते ही निंदा करने वालों की राय बदल जाती है।
अगर शान्ति चाहते हैं तो लोकप्रियता से बचिए..
लाख दलदल हो पांव जमाए रखिए, हाथ खाली ही सही उपर उठाये रखिए,
कौन कहता है छलनी में पानी रुक नहीं सकता, बर्फ बनने तक हौसला बनाये रखिए।
ऐ जिन्दगी तेरे जज्बे को सलाम, पता है की मंजिल मौत है फिर भी दौड़े जा रही है.
शक ना कर मेरी हिम्मत पर, मैं ख्वाब बुन लेता हूँ टूटे धागों को जोड़कर.
पहचान कफ़न से नहीं होती हैं दोस्तों, लाश के पीछे काफिला बयां कर देता हैं, रुतबा किसी हस्ती का हैं.
जहाँ आपकी अहमियत नहीं हो ना वहां जाना बंद करदो, चाहे वो किसी का घर हो या चाहे किसी का दिल.
ज़िन्दगी को हमेशा मुस्कुराकर गुज़ारो, क्योंकि, तुम ये नहीं जानते की यह कितनी बाकी हैं.
मुकाम वो चाहिए की जिस दिन भी हारु ,उस दिन जीतने वाले से ज्यादा मेरी हार के चर्चे हो.
कलह पर विजय पाने के लिए, मौन से बड़ा कोई अस्त्र नहीं हैं.
उम्र जाया कर दी लोगों ने औरों के वजूद में नुक्स निकालते निकालते,
इतना ही खुद को तराशा होता तो फ़रिश्ते बन जाते.
शुरुआत करने के लिए महान होने की जरूरत नहीं है.. लेकिन महान होने के लिए शुरआत की जरुरत है.

धैर्य कड़वा हैं लेकिन इसका फल मीठा है.
ठोकर वही शख्स खाता है, जो रस्ते का पत्थर नहीं उठाता हैं.
डर कही और नहीं बस आपके दिमाग में होता हैं.
इंसान असफल तब नहीं होता जब वह हार जाता है असफल तब होता है जब वो ये सोच ले कि अब वो जीत नहीं सकता.
संघर्ष इंसान को मजबूत बनाता है! फिर चाहे वो कितना भी कमजोर क्यों न हो.
जो मंजिलो को पाने की चाहत रखते हैं, वो समंदरों पर भी पथरो के पुल बना देते है.
समय ना लगाओ तय करने में आपको क्या करना है,
वरना समय तय करेगा आपका क्या करना है.
वहाँ तूफान भी हार जाते है, जहाँ कश्तियाँ ज़िद पे होती है.
आगे बढ़ने के लिए हमेशा अपने बनाये रास्तों को चुने.
लोग आपसे नहीं, आपकी स्थिति से हाथ मिलाते है.

एक ही दिन में पढ़ लोगे क्या मुझे, मैंने खुद को लिखने में कई साल लगाए हैं.
जीने का बस यही अंदाज रखो, जो तुम्हे ना समझे उसे नजरअंदाज करो.
साईकिल और ज़िंदगी तभी बेहतर चल सकती है, जब चैन हो.
मजबूत होने में मजा ही तब है, जब सारी दुनिया कमज़ोर कर देने पर तुली हो.
जो लोग अंदर से मर जाते है, अक्सर वही लोग दूसरों को जीना सिखाते है.
आग लगाने वालों को कहाँ ख़बर ,
रुख हवाओं ने बदला तो ख़ाक वो भी होंगे.
ना मै गिरा न मेरी उम्मीदों के मीनार गिरे,
पर कुछ लोग मुझे गिराने मे कई बार गिरे.
जिंदगी को सफल बनाने के लिए बातों से नहीं रातों से लड़ना पड़ता है.
वक़्त और किस्मत पर कभी घमंड ना करो,
सुबह उनकी भी होती हैं जिन्हे कोई याद नहीं करता.
जो मानव अपनी निंदा सुन लेता है, वह सारे जगत पर विजय प्राप्त कर लेता है.
मेरे साथ बैठ कर वक्त भी रोया एक दिन बोला बंदा तू ठीक है, मैं ही ख़राब चल रहा हूँ!
स्वाद जिंदगी के लो जनाब, किसीके भरोसे के नहीं.
अंदाजा ताकत का लगाया जा सकता है, किसी के हौंसले का नहीं साहब.
लोग पीठ पीछे बड़बड़ा रहे है, लगता है हम सही रास्ते जा रहे है.
जिंदगी भी उसे ही आज़माती है, जो हर मोड़ पर चलना जानता हो.
ज़ाया ना कर अपने अल्फाज हर किसी के लिए,
बस ख़ामोश रह कर देख तुझे समझता कौन है.
कुछ बनना ही है तो समंदर बनो ,
लोगों के पसीने छूटने चाहिए
- —————–तुम्हारी औकात नापते-नापते.

एक दिन मुझसे लिपटकर समय भी रोयेगा, कहेगा,
तू तो बंदा सही था मैं ही ख़राब चल रहा था.
कड़वा सच :
तुम नीचे गिर कर देखो कोई नहीं आएगा उठाने
तुम जरा उड़कर तो देखो सब आएंगे गिराने.
जिस दिन आप अपने हंसी के मालिक खुद बन जाओगे, उस दिन के बाद आपको कोई भी रुला नहीं सकता.
मैं बैठूंगा जरूर महफ़िल में मगर पियूँगा नहीं, क्योंकि मेरा गम मिटा दे. इतनी शराब की औकात नहीं.
बीते वक्त का चौकीदार ना बन इस लम्हे का कर्ज अदा कर.
हजारों ख्वाब टूटते है, तब कहीं एक सुबह होती है.
भरोसा जितना कीमती होता हैं, धोखा उतना ही महंगा हो जाता हैं.
हम क्या हैं वो सिर्फ हम जानते हैं.. लोग सिर्फ हमारे बारे में अंदाजा ही लगा सकते हैं.
ताश का जोकर और अपनों की ठोकर, अक्सर बाजी घुमा देते है.
चमक सबको नज़र आती है, अँधेरा कोई नहीं देख पाता.
लोग वाकिफ हैं मेरी आदतों से रूतबा कम ही सही पर लाजवाब रखता हूँ.
देर से बनो पर जरूर कुछ बनो, क्योंकि लोग वक्त के साथ खैरियत नहीं हैसियत पूछते हैं.
जब थक जाओ तो आराम कर लो, पर हार मत मानो.
जब लोग बदल सकते हैं तो क़िस्मत क्या चीज़ हैं.
हर चीज़ उठाई जा सकती हैं, सिवाए गिरी हुई सोच के.
गिरगिट माहौल देख कर रंग बदलता हैं, और इंसान मौका देख कर.
सिर्फ सुकून ढूंढिए जरूरतें कभी ख़त्म नहीं होंगी.
जीवन में पैसा नहीं व्यवहार कमाओ क्योंकि, शमशान में ४ करोड़ नहीं ४ लोग छोड़ने आएंगे.
समुद्र को घमंड था कि वो पूरी दुनिया को डूबा सकता है, इतने में एक तेल की बूँद आयी और उसपर तैरकर निकल गयी.
कुछ गैर ऐसे मिले जो मुझे अपना बना गए,
कुछ अपने ऐसे निकले जो गैर का मतलब बता गए,
. . . . . . . . दोनों को शुक्रिया !
आँख से गिरे आंसू और नज़रों से गिरे लोग. कभी नहीं उठा करते.
शीशा टूटने के बाद बिखर जाए वो ही बेहतर है, क्योंकि दरारे न जीने देती है और न ही मरने देती है.

अपशब्द एक ऐसी चिंगारी हैं.. जो कानो में नहीं, सीधा मन में आग लगाती हैं.
मनुष्य की सबसे बड़ी शिक्षक उसकी गलतियां होती हैं.
कितनी भी शिद्दत से रिश्ता निभाओ दिखाने वाले अपनी औक़ात दिखा ही देते है.
सत्य शेर की तरह है, इसे बचाने की जरुरत नहीं है, इसे खुला छोड़ दो, यह अपना बचाव खुद कर लेगा.
ईमानदारी एक महंगा शौक हैं जो हर किसी के बस की बात नहीं हैं.
किसी की निंदा करने से यह पता चलता हैं, की आपका चरित्र क्या हैं ना की उस व्यक्ति का.
कुछ गलतियों को माफ़ करना ही सबसे बड़ी गलती होती है.
बस इतना चाहिए तुझसे ए ज़िन्दगी, के जमीन पर बैठू तो लोग उसे बड़प्पन कहें. औकात नहीं.
आँखों में जीत के सपने हैं.. ऐसा लगता है अब ज़िन्दगी के हर पल अपने हैं.
कौन काबिल है और कौन नहीं, यह तो सिर्फ वक्त ही बताता है.
जो कल था उसे भूलकर तो देखो, जो आज हैं उसे जीकर तो देखो, आने वाला पल खुद संवर जायेगा.
उम्र हार जाती हैं जहाँ शौक ज़िन्दा होते हैं.
जब तुम्हे खुशियां मिलने लगे, तब उसे न भूलना जिसने तुम्हे ये खुशियां दी हैं.
दिल पे ना लीजिए, अगर कोई आपको बुरा कहे, ऐसा कोई नहीं हैं, जिसे हर शख्स अच्छा कहे.
ज़िन्दगी तो बेवफ़ा है एक दिन ठुकराएगी, मौत मेहबूबा है अपने साथ लेकर जाएगी.
किसी के पैरों में गिरकर प्रतिष्ठा पाने के बदले, अपने पैरों पर चलकर कुछ बनने की ठान लो.
- अपने अंदर के बच्चे को हमेशा जिन्दा रखिए, हद से ज्यादा समझदारी जीवन को नीरस कर देती हैं.

अंदाजे से ना नापिये किसी की हस्ती को, ठहरे हुए दरिया अक्सर गहरे होते हैं.
लोगों की इतनी कदर भी न करो के लोग तुम्हे मतलबी समझने लगे.
किनारा न मिले तो कोई बात नहीं, दूसरों को डुबाके मुझे तैरना नहीं है.
सफल लोग कोई अलग काम नहीं करते, वो बस अलग तरीके से काम करते हैं.
हमें हद में रहना पसंद है, और लोग उसे गुरुर समझते है.
जमाना वफादार नहीं तो फिर क्या हुआ, धोकेबाज़ भी तो हमेशा अपने ही होते हैं.
उसकी कदर करने में देर मत करना, जो इस दौर में भी तुम्हे वक़्त देता हैं.
झुक के जो आप से मिलता होगा, यक़ीनन उसका कद आपसे ऊँचा होगा.
मुमकिन नहीं, हर वक्त मेहरबां रहे ज़िन्दगी, कुछ लम्हे जीने का तजुर्बा भी सिखाते है.
कहते है कि झूठ के पाँव नहीं होते, मगर फिर भी चलता खूब है.
मतलबी नहीं मैं बस दूर हो गया हूँ, उन लोगों से जिन्हे मेरी कदर नहीं.
हर आदमी अपनी ज़िन्दगी में हीरो है, बस कुछ लोगों की फिल्में रिलीज़ नहीं होती.
किसी ने पूछा, इस दुनिया में आपका अपना कौन हैं?
मैंने हंसकर कहा- समय अगर वो सही तो सभी अपने वरना कोई नहीं.
पैसा हैसियत बदल सकता हैं, औक़ात नहीं.
बुरा वक्त रुलाता है, मगर बहुत कुछ सीखा कर जाता है.
जीतने वाला ही नहीं, बल्कि कहाँ पर क्या हारना है, ये जानने वाला भी सिकंदर होता है.
किसी की तारीफ़ करने के लिए जिगर चाहिए, बुराई तो बिना हुनर के किसीकी भी की जा सकती हैं.
तुझसे कोई शिकायत नहीं है ऐ ज़िन्दगी जो भी दिया है वही बहुत है.
जरुरी नहीं की कुत्ता ही वफादार निकले, वक़्त आने पर आपका वफादार भी कुत्ता निकल सकता है.
निंदा उसी की होती हैं जो ज़िन्दा हैं, मरने के बाद तो सिर्फ तारीफ़ होती हैं.
दो चेहरे इंसान कभी नहीं भूलता, एक मुश्किल में साथ देने वाला, दूसरा मुश्किल में साथ छोड़ने वाला.
ग़म की चादर हटाओ और ज़रा देखो बाहर, औरों के दर्द से तो तुम्हारा दर्द कम है.
अपनी झोपड़ी में राज करना, दूसरों के महल में गुलामी करने से बेहतर हैं.
किस्मत और सुबह की नींद, कभी समय पर नहीं खुलती.
भीख और सीख , ठोकरें खा कर ही मिलती हैं.
बीते हुए कल का अफ़सोस और आने वाले कल की चिंता
दो ऐसे चोर हैं, जो हमारे आज की खूबसूरती को चुरा लेते हैं.
जब इंसान की जरुरत बदल जाती हैं, तो उसका आपसे , बात करने का तरीका बदल जाता हैं.

शोहरत तो बदनामी से ही मिलती है, सुना है लोग बदनामी के किस्से कान लगाकर सुनते है.
ताकत अपने लफ्जों में डालो, आवाज में नहीं क्योंकि फसल बारिश से उगती हैं, बाड़ से नहीं.
जिंदगी के सफर में बस इतना ही सबक सीखा हैं,
सहारा कोई कोई ही देता हैं,
धक्का देने को हर शख्स तैयार बैठा हैं.
वो भी क्या दिन थे जब घडी एकाध के पास होती थी, और समय सबके पास होता था.
प्रशंसा से पिघलना मत और आलोचना से उबलना मत.
उसूलों पे जहाँ आँच आये वहां टकराना ज़रूरी हैं, जो ज़िन्दा हो तो फिर ज़िन्दा नज़र आना जरुरी है.
आँखों में गर हो गुरुर, तो इंसान को इंसान नहीं दिखता,
जैसे छत पर चढ़ जाओ तो, अपना ही मकान नहीं दिखता.
सुनो.. अगर तुम अपना राज़ किसी को बताओगे, तो तुम उसके गुलाम हो जाओगे.
दीदार की तलब हो तो नज़रे जमाये रखना ग़ालिब,
क्यूंकि नकाब हो या नसीब सरकता जरूर हैं.
तुम क्या किसी को समझाओगे, खुद भगवान कृष्ण भी नहीं समझा पाए थे दुर्योधन को.
उजालो में मिल ही जायेगा कोई ना कोई, तलाश उसकी करो जो अंधेरों में भी साथ दे.
हौसलें हो अगर बुलंद तो मुट्ठी में हर मुकाम है,
मुश्किलें और मुसीबतें तो जिंदगी में आम हैं.
हसरत पूरी ना हों तो ना सही, ख्वाहिश करना कोई गुनाह तो नहीं.
इस सफ़र में नींद ऐसी खो गई, हम न सोए रात थक कर सो गई.
हजार गम मेरी फितरत नहीं बदल सकते,
क्या करू मुझे आदत मुस्कुराने की है.
बहुत कम लोग हैं, जो मेरे दिल को भाते हैं,
और उससे भी बहुत कम हैं, जो मुझे समझ पाते हैं.

टूटे हुए सपनो और छूटे हुए अपनों ने मार दिया वरना ख़ुशी खुद हमसे मुस्कुराना सीखने आया करती थी.
मुस्कराहट कहाँ से आती है, मुझे नही पता, पर जहाँ भी होती है वहाँ, ये दुनिया और भी खूबसूरत होने लगती है.
वो अपने ही होते हैं, जो लफ्जों से मार देते है.
ज़िन्दगी में, एक बात तो तय है, कि तय कुछ भी नहीं हैं.
सही वक्त पर पिए गए कड़वे घूंट अक्सर ज़िन्दगी मीठी कर दिया करते है.
उड़ा देती हैं नींदे कुछ जिम्मेदारियां घर की,
रात में जागने वाला हर शख्स आशिक नहीं होता.
बहुत गिनाते रहे तुम औरों के गुण दोष,
अपने अंदर झाँक लो उड़ जाएंगे होश.
ऐ जिंदगी तू खेलती बहुत है, खुशियों से हमारी,
हम भी इरादे के पक्के हैं, मुस्कुराना नहीं छोड़ेंगे.
आज तक बहुत भरोसे टूटे, मगर भरोसे की आदत नहीं छूटी.
यहाँ रोटी नहीं उम्मीद सब को जिंदा रखती है,
जो सड़को पर भी सोते हैं, सिरहाने ख्वाब रखते है.
रास्ते कहाँ ख़त्म होते हैं, ज़िन्दगी के सफर में,
मंजिले तो वही हैं, जहाँ ख्वाहिशें थम जाएँ.

ना जाने कैसा परखता है मुझे मेरा खुदा,
इम्तिहान भी सख्त लेता है, और मुझे हारने भी नहीं देता.
हद से बढ़ जाए ताल्लुक तो गम मिलते हैं, हम इसी वास्ते हर शख्स से कम मिलते हैं!
वक्त वक्त की बात है, कल जो रंग थे, आज दाग हो गए.
मैं थक गया था, परवाह करते करते,
जब से बेपरवाह हूँ, आराम सा है !
रुतबा तो ख़ाँमोशियों का होता है, अल्फाज का क्या? वो तो बदल जाते हैं, अक्सर हालात देखकर.
वो अपने ही होते हैं, जो लफ्जों से मार देते है.

