चीन- सोलोमन द्वीप सुरक्षा समझौता The China-Solomon Islands security pact
सोलोमन द्वीप भौगोलिक स्थिति Solomon island geographical location
सोलोमन द्वीप , दक्षिणी प्रशांत महासागर में स्थित है। यह ज्वालमुखी और मूंगा प्रवाल द्वीप समूहो से मिल कर बना है। इस देश के उत्तर-पश्चिमी छोर पर पापुआ न्यू गिनी papua new guinea हैं।

सोलोमन द्वीप का इतिहास Solomon island history
- यह 6 बड़े द्वीपों और 900 छोटे द्वीपों से मिल कर बना है। इसका क्षेत्रफल 28,400 स्क्वायर किलोमीटर्स square kilommeters है।
- इस द्वीप पर आबादी लगभग 30,000 से 28,800 BCE, ईसा पूर्व लापिता Lapita प्रवासियों के आने से हुई थी।
- यूरोप से सबसे पहले स्पेनिश नाविक अल्वारो डा मंडाना Álvaro de Mendaña इस द्वीप पर आया था। और इसका नाम इस्लास सोलोमन Islas Salomón रखा था।

- सोलोमन द्वीप को जून 1893 में ब्रिटिश संरक्षक घोषित किया। इसका आधिकारिक नाम “ब्रिटिश सोलोमन द्वीप “ British Solomon Islands रखा गया।
- सन 1975 में इसका नाम बदल कर “सोलोमन द्वीप “Solomon Islands” रखा गया। और यह एक संवैधानिक राजतंत्र बन गया। सोलोमन द्वीप का शासन रानी एलिजाबेथ द्वितीय के नाम पर, गवर्नर-जनरल द्वारा किया जाता था।

- द्वितीय विस्व युद्ध के बाद ब्रिटिश अपनी ख़राब वित्तीय स्थिति के कारण अपना साम्राज्य नहीं जारी रखना चाहते थे ।
- सन 1977 में लंदन में एक सम्मेलन हुआ , जिसमे सोलोमोन्स को पूरी आज़ादी देने पर सहमति बनी।
- सोलोमन द्वीप 7 July 1978 को आज़ादी मिल गयी। इस देश के पहले प्रधानमंत्री सर पीटर केनिलोरी Sir Peter Kenilorea थे।
- इसकी जनसंख्या 652,858 है।
सोलोमन द्वीप वर्तमान स्थिति Current condition
- अमेरिका America ने सन 1993 में अमेरिकन एम्बेसी Embassy को बंद कर दिया था। अभी वहां पर सिर्फ एक वाणिज्य दूतावास है।
- अभी पापुआ नई गिनी देश Papua New Guinea में स्थित अमेरिकन एम्बेसी के द्वारा काम होता है।
- वर्तमान प्रधानमंत्री मनस्सेह सोगवारे Manasseh Sogavare है।

- Honiara होनियारा इस देश की राजधानी है।

वर्तमान समस्या : चीन- सोलोमन द्वीप सुरक्षा समझौता China-Solomon Islands security pact

सोलोमन द्वीप और चीन सैन्य समझौता की रूपरेखा इस प्रकार है
- अमेरिकी अपने प्रभुत्व को दुनिया में बनाये रखने के लिए विदेशों में सैन्य ठिकानों बना रखे है।
- चीन अब अपने प्रभुत्व को दुनिया में बढ़ाना चाहता है। और अमेरिका की रणनीति को अपना रहा है। और विदेशों में सैन्य ठिकानों बना रहा है।
- चीन ने अपने देश की सीमा से बाहर सिर्फ एक सैन्य अड्डा बनाया है। यह पहला सैन्य अड्डा सोलोमन द्वीप प्रशांत क्षेत्र में होगा। इसकी तुलना में, अमेरिका ने दुनिया भर के 70 से अधिक देशों में लगभग 800 सैन्य ठिकाने बना रखे हैं।
सोलोमन द्वीप में चीनी सैन्य उपस्थिति की योजना के दस्तावेज़का लीक हो गए इसके अनुसार :

- चीनी नौसैनिक जहाजों को आपूर्ति और चालक दल के लिए डॉक करने की अनुमति दी जाएगी।
- चीन सोलोमन द्वीप सरकार की सहमति से द्वीप में सैन्य उपकरण और स्टेशन स्थापित कर सकता है।
- यह समझौता चीन को अपने नागरिको की सुरक्षा के लिए सेना या पुलिस को सोलोमन द्वीप में तैनात कर सकता है।
- सोलोमन द्वीप अपनी सुरक्षा के लिए चीन से पुलिस या मिलिट्री की सहायता ले सकता है।
- चीन की सरकार अपने जहाजों का आवागमन द्वीप पर कर सकती है। जहाज वहां पर ठहर सकते है और ईधन भर सकते है।
ऐसा माना जा रहा है कि दोनों देशों ने इस समझौता पर अभी तक हस्ताक्षर नहीं किया है।
सोलोमन द्वीप और चीन सैन्य समझौता का प्रभाव
- ऑस्ट्रेलिया लंबे समय से सोलोमन द्वीप समूह को सुरक्षा प्रदान करता रहा है। और अपनी इस भूमिका को बनाये रखना चाहता है।
- पिछले साल सरकार विरोधी दंगों के बाद कानून और व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश में लगे स्थानीय अधिकारियों को प्रशिक्षित करने के लिए चीनी पुलिस अधिकारियों की एक टुकड़ी को हाल ही में सोलोमन द्वीप पर तैनात किया गया था।
- चीन और सोलोमन द्वीप समूह के बीच बढ़ते सुरक्षा सहयोग को लेकर ऑस्ट्रेलियाई अधिकारी पहले से ही काफी असहज हैं।
- ऑस्ट्रेलिया के पास सोलोमन द्वीप में चीनी सैन्य उपस्थिति की संभावना ने इस क्षेत्र की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर दिया है।
- ऑस्ट्रेलिया की सरकार प्रशांत क्षेत्र में चीनी सैन्य गतिविधि के किसी भी विस्तार को समस्या के रूप में देखती है।

- अमेरिका ने अपने प्रतिनिधि मंडल को होनियारा Honiara भेजा है। अमेरिका के अनुसार इस समझौते में “पारदर्शिता की कमी” है। और यह समझौता चीन को अपने सैन्य बलों को द्वीप में आने के लिए खुला दरवाजा है।
- ऑस्ट्रेलिया ने भी इस सुरक्षा समझौते की आलोचना की है, प्रधान मंत्री स्कॉट मॉरिसन Scott Morrison ने रविवार को कहा कि अगर समझौते ने द्वीप पर चीनी सैन्य अड्डे की अनुमति दी, तो यह उनकी सरकार के लिए एक “लाल रेखा” होगी।
- न्यूजीलैंड के प्रधान मंत्री जैसिंडा अर्डर्न Jacinda Ardern ने कहा कि यह समझौता प्रशांत द्वीप समूह मंच के सदस्यों के बीच के हुए समझौते का उल्लंघन है। प्रशांत द्वीप समूह मंच के समझौते के अनुसार सदस्य देश रक्षा मामलों में प्रमुख निर्णय लेने से पहले एक-दूसरे के साथ विचार विमर्श करेगें।
सोलोमन द्वीप समझौता पर चीन का पक्ष
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन Wang Wenbin ने कहा कि चीन सोलोमन द्वीप समूह को “अपनी सुरक्षा बनाए रखने की अपनी क्षमता को मजबूत करने” में मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है।
समझौता पर सोलोमन द्वीप का पक्ष
सोलोमन द्वीप के अधिकारियों ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को बताया की चीन के साथ समझौता “केवल घरेलू सहायता के लिए है ” कोई सैन्य अड्डा नहीं होगा, चीन की दीर्घकालिक उपस्थिति नहीं होगी, और कोई सैन्य शक्ति क्षमता का विस्तार नहीं होगा
